🔴 Mangal Gochar 2026: 18 सितंबर से कर्क राशि में मंगल, मेष समेत 5 राशियों पर पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव; जानें उपाय
Mangal Gochar 2026: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल को ऊर्जा, साहस, भूमि, पराक्रम और आक्रामकता का कारक ग्रह माना जाता है। 18 सितंबर 2026 को शाम 4 बजकर 34 मिनट पर मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क मंगल की नीच राशि मानी जाती है। ऐसे में इस गोचर को ज्योतिष के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नवभारत टाइम्स में प्रकाशित ज्योतिषीय विश्लेषण के मुताबिक, कर्क राशि में मंगल के आने के दौरान राहु के साथ षडाष्टक योग, शनि के साथ नवम-पंचम योग और केतु के साथ द्विद्वादश योग बनने की बात कही गई है। वहीं कर्क राशि में मंगल की गुरु के साथ युति भी रहेगी।
ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर अलग तरीके से पड़ सकता है। खास तौर पर मेष, कर्क, धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
नोट: राशिफल और ग्रह गोचर से जुड़े प्रभाव ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।
🌑 18 सितंबर को कर्क राशि में मंगल का गोचर
मंगल 18 सितंबर 2026 को शाम 4:34 बजे कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क जल तत्व की राशि है, जबकि मंगल को अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से इस संयोजन को भावनात्मक उतार-चढ़ाव और जल्दबाजी से जोड़कर देखा जाता है।
स्रोत में बताया गया है कि इस दौरान मंगल की विभिन्न ग्रहों के साथ बनने वाली स्थितियां देश-दुनिया और व्यक्तिगत जीवन में तनाव या बदलाव की संभावनाओं से जोड़ी जा रही हैं।
♈ मेष राशि: स्वास्थ्य और प्रॉपर्टी मामलों में सावधानी
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर चौथे भाव में होगा। मंगल आपकी राशि के स्वामी भी हैं, लेकिन कर्क राशि में पहुंचने पर उन्हें कमजोर स्थिति में माना जाता है।
इस अवधि में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। गलत संगति से बचना और बेवजह के विवादों से दूर रहना बेहतर माना गया है।
प्रॉपर्टी और जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में लापरवाही न करें।
उपाय
मंगलवार को हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। यह उपाय कम से कम दो मंगलवार तक लगातार करने की सलाह दी गई है।
♋ कर्क राशि: बढ़ सकती है सावधानी की जरूरत
कर्क राशि में मंगल का गोचर पहले भाव यानी लग्न में होगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस स्थिति में जातकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
यदि पहले से रक्त संबंधी कोई स्वास्थ्य समस्या है तो अपनी सेहत पर अतिरिक्त ध्यान देने की सलाह दी गई है। कामकाज में मनचाहे परिणाम पाने में कुछ अड़चनें आ सकती हैं।
विवादों से बचना इस अवधि में महत्वपूर्ण माना गया है। हालांकि, कार्यक्षेत्र में कुछ अच्छे परिणाम मिलने की संभावना भी बताई गई है।
उपाय
हर मंगलवार हनुमानजी को बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं और उनके सामने तिल के तेल का दीपक/अर्पण करें।
♐ धनु राशि: प्रेम, शिक्षा और संतान से जुड़े मामलों में सावधानी
धनु राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर आठवें भाव में होगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह स्थिति कुछ मामलों में चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
इस दौरान प्रेम और शिक्षा से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। संतान से जुड़े मामलों में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हालांकि, दूसरी ओर लंबे समय से अटके कुछ काम अचानक पूरे होने की संभावना भी बताई गई है। खानपान में संयम रखना बेहतर रहेगा।
उपाय
नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमानजी को जनेऊ अर्पित करने की सलाह दी गई है।
♑ मकर राशि: रिश्तों और स्वास्थ्य पर ध्यान दें
मकर राशि के जातकों के लिए मंगल सातवें भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिषीय मान्यता में सातवें भाव में मंगल का गोचर अनुकूल नहीं माना जाता।
इस दौरान जीवनसाथी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। दांत या हड्डियों से जुड़ी पहले से कोई परेशानी है तो अतिरिक्त सावधानी बरतें।
मेहनत का परिणाम तुरंत न मिलने की स्थिति बन सकती है। इसलिए धैर्य के साथ काम करने की सलाह दी गई है।
उपाय
मंगल के मंत्र का नियमित जाप करें:
“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”
♒ कुंभ राशि: नौकरीपेशा लोगों के लिए अच्छे संकेत
कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर छठे भाव में होगा। स्रोत के अनुसार नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय अपेक्षाकृत अच्छा रह सकता है।
इंक्रीमेंट और करियर में आगे बढ़ने के रास्ते खुलने की संभावना बताई गई है। काम को अनुशासन और योजनाबद्ध तरीके से करने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
हालांकि भाई-बंधुओं के साथ संबंधों में कुछ तनाव आ सकता है। पड़ोसियों के साथ संबंधों को भी बेहतर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी होगा। साथ ही पिता तुल्य व्यक्ति से मिलने वाला मार्गदर्शन लाभकारी साबित हो सकता है।
📊 मंगल गोचर 2026: 5 राशियों पर प्रभाव एक नजर में
| राशि | मंगल का भाव | संभावित प्रभाव | उपाय |
|---|---|---|---|
| मेष | चौथा | स्वास्थ्य, विवाद और प्रॉपर्टी में सावधानी | हनुमानजी को चोला |
| कर्क | पहला | स्वास्थ्य और कामकाज में सावधानी | बूंदी प्रसाद, तिल का तेल |
| धनु | आठवां | प्रेम, शिक्षा और संतान मामलों में उतार-चढ़ाव | हनुमान चालीसा, जनेऊ |
| मकर | सातवां | जीवनसाथी, स्वास्थ्य और धैर्य की जरूरत | मंगल मंत्र जाप |
| कुंभ | छठा | नौकरी और इंक्रीमेंट के अच्छे संकेत | अनुशासन व स्वास्थ्य पर ध्यान |
🔮 मंगल गोचर 2026 का सार
18 सितंबर से कर्क राशि में मंगल का प्रवेश ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कर्क में मंगल को नीच का माना जाता है और स्रोत के अनुसार इस दौरान कई ग्रहों के साथ बनने वाले योगों का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर पड़ सकता है।
मेष, कर्क, धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों को स्वास्थ्य, रिश्तों, विवाद और महत्वपूर्ण फैसलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं कुंभ राशि के नौकरीपेशा जातकों के लिए करियर और इंक्रीमेंट के लिहाज से सकारात्मक संकेत बताए गए हैं।







