Sleeper Vande Bharat
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Sleeper Vande Bharat में 823 यात्री कर सकेंगे सफर

दिल्ली-वाराणसी के बीच दूसरी स्लीपर वंदे भारत चलाने की तैयारी

भारतीय रेलवे दिल्ली और वाराणसी के बीच दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित ट्रेन रात के समय चलेगी और सुबह यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने की योजना है। इस ट्रेन का रूट प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल से होकर प्रस्तावित किया गया है।

मौजूदा जानकारी के मुताबिक, ट्रेन का ट्रायल सितंबर 2026 में शुरू होने की संभावना है और इसे दिवाली के आसपास नियमित सेवा में लाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, ट्रेन नंबर, किराया और नियमित परिचालन की अंतिम तारीख अभी रेलवे बोर्ड की ओर से आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है।

दिए गए source के अनुसार भी ट्रेन का नियमित परिचालन अभी अंतिम रूप से घोषित नहीं हुआ है और प्रस्तावित समय-सारिणी में बदलाव संभव है।

रात में चलेगी ट्रेन, सुबह दिल्ली पहुंचने का प्रस्ताव

प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन वाराणसी से रात 9:20 बजे रवाना हो सकती है।

इसके बाद ट्रेन करीब 10:45 बजे प्रयागराज और लगभग 12:35 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचने का प्रस्ताव है। इसके बाद ट्रेन नई दिल्ली की ओर आगे बढ़ेगी और करीब सुबह 5 बजे नई दिल्ली पहुंचने की संभावना है।

वापसी में नई दिल्ली से ट्रेन के रात 9:20 बजे रवाना होकर सुबह करीब 5 बजे वाराणसी पहुंचने का प्रस्ताव बताया गया है।

हालांकि ये सभी समय फिलहाल प्रस्तावित हैं। ट्रायल और रेलवे की अंतिम परिचालन मंजूरी के बाद समय-सारिणी में बदलाव हो सकता है।

यहां “Proposed Route — New Delhi → Kanpur Central → Prayagraj → Varanasi” वाली Supporting Image लगाएं।

16 कोच की होगी Sleeper Vande Bharat

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत में कुल 16 कोच होंगे। ट्रेन की कुल यात्री क्षमता करीब 823 बताई गई है।

कोच संरचना इस प्रकार प्रस्तावित है:

कोचसंख्या
AC 3-Tier11
AC 2-Tier4
First AC1
कुल16
कुल यात्री क्षमता823

यह जानकारी Prabhat Khabar की रिपोर्ट और अन्य मौजूदा रिपोर्टों में भी दी गई है।

130 से 160 किमी प्रति घंटे तक रफ्तार का प्रस्ताव

प्रस्तावित ट्रेन की परिचालन गति 130 से 160 किमी प्रति घंटे के बीच रखे जाने की योजना बताई गई है।

हालांकि वास्तविक गति ट्रैक की स्थिति, परिचालन परिस्थितियों और Mission Raftaar के तहत होने वाले कार्यों पर निर्भर करेगी। रिपोर्टों के अनुसार शुरुआत में गति कम रखी जा सकती है और ट्रैक की क्षमता बढ़ने के साथ अधिकतम गति में बदलाव संभव है।

दिए गए source में भी 130 से 160 किमी प्रति घंटे की प्रस्तावित गति का उल्लेख है।

प्रयागराज और कानपुर के यात्रियों को मिलेगा नया विकल्प

दिल्ली और वाराणसी के बीच पहले से कई ट्रेनें चलती हैं। इसके बावजूद लंबी दूरी और खासकर व्यस्त दिनों में यात्रियों की संख्या अधिक रहती है।

ऐसे में स्लीपर वंदे भारत के शुरू होने पर दिल्ली, प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी के बीच रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।

इस ट्रेन का overnight संचालन यात्रियों को रात में सफर करने और सुबह गंतव्य पर पहुंचने की सुविधा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित है।

दिवाली तक शुरू करने की तैयारी

रेलवे से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक इस ट्रेन का ट्रायल सितंबर 2026 में शुरू होने की संभावना है और दिवाली के आसपास सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

हालांकि, इसे अभी अंतिम लॉन्च तारीख नहीं माना जा सकता। नियमित परिचालन से पहले ट्रायल, परिचालन मंजूरी और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होना जरूरी है।

उत्तर रेलवे संभालेगा प्राथमिक मेंटेनेंस

रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत की प्राथमिक मेंटेनेंस जिम्मेदारी उत्तर रेलवे को दिए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि नियमित परिचालन शुरू होने से पहले रेलवे की ओर से ट्रेन नंबर, किराया, अंतिम समय-सारिणी और संचालन संबंधी आधिकारिक जानकारी जारी की जानी बाकी है।

ट्रेन नंबर और किराया अभी घोषित नहीं

यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जानकारी फिलहाल लंबित है। रेलवे बोर्ड की ओर से अभी तक इस प्रस्तावित ट्रेन का:

  • ट्रेन नंबर
  • टिकट किराया
  • नियमित संचालन की अंतिम तारीख
  • अंतिम समय-सारिणी

आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है।

इसलिए सोशल मीडिया या अन्य अनौपचारिक स्रोतों से सामने आने वाले किराये और लॉन्च डेट को आधिकारिक घोषणा से पहले confirmed नहीं माना जाना चाहिए।

दिल्ली-वाराणसी यात्रा में क्या बदलेगा?

यदि प्रस्तावित सेवा शुरू होती है, तो दिल्ली और वाराणसी के बीच रात में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

16 कोच वाली ट्रेन में 823 यात्रियों की क्षमता और AC 3-Tier, AC 2-Tier तथा First AC कोच होने से अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों के लिए विकल्प उपलब्ध रहेंगे।

प्रस्तावित overnight schedule का उद्देश्य रात में यात्रा कराकर सुबह गंतव्य तक पहुंचाना है।

फिलहाल क्या है स्थिति?

अभी इसे प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत सेवा के रूप में देखा जाना चाहिए। सितंबर में ट्रायल की संभावना और दिवाली के आसपास सेवा शुरू करने की तैयारी की खबरें सामने आई हैं, लेकिन अंतिम परिचालन रेलवे की मंजूरी और ट्रायल के परिणाम पर निर्भर करेगा।

रेलवे बोर्ड द्वारा ट्रेन नंबर, किराया और नियमित परिचालन की आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही इन जानकारियों को अंतिम माना जाएगा।

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