महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने पुणे के एक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने के विवाद पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। ठाणे के श्री गडकरी रंगायतन में पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले जैसे महापुरुषों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर एक ही कतार में नहीं लगाई जा सकती।
यह विवाद 31 अगस्त को सामने आया था, जब मनसे नेता और राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे की मौजूदगी में पुणे के एक कॉलेज में लगी प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर हटाई गई थी। कॉलेज प्रशासन की शिकायत के बाद अमित ठाकरे समेत करीब 20 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
कॉलेज प्रशासन ने दोबारा लगाई पीएम मोदी की तस्वीर
तस्वीर हटाए जाने के बाद इस मुद्दे पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई थी। बीजेपी नेताओं ने अमित ठाकरे की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की थी। बीजेपी की ओर से इसे राजनीतिक अपरिपक्वता बताते हुए कहा गया था कि प्रधानमंत्री किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।
विवाद बढ़ने के बाद कॉलेज प्रशासन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को दोबारा उसी स्थान पर सम्मानपूर्वक लगा दिया।
अब राज ठाकरे ने कहा है कि सरकारी कार्यालयों में प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाई जानी चाहिए, लेकिन शिवाजी महाराज, डॉ. अंबेडकर और महात्मा फुले जैसे महापुरुषों की तस्वीरों वाली कतार में नहीं।
अमित ठाकरे ने इससे पहले तस्वीर हटाने की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यदि छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए उन्हें दूसरा मामला भी झेलना पड़े, तो उन्हें इस पर खुशी होगी।
🔥 राज ठाकरे ने धर्म और राजनीतिक मुद्दों पर भी साधा निशाना
राज ठाकरे ने अपने संबोधन में धर्म और धार्मिक कट्टरता को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी आस्था पर गर्व होना चाहिए, लेकिन धर्म को लेकर कट्टर नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, लोगों को धार्मिक मुद्दों में उलझाकर बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान हटाया जा रहा है।
उन्होंने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि जिस तरह छात्र आज सड़कों पर उतर रहे हैं, आने वाले समय में देश के लोग भी बड़े मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर सकते हैं।
राज ठाकरे ने अर्थव्यवस्था से जुड़े कई आंकड़ों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि यदि देश की GDP 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, तो बड़ी संख्या में कारोबारी देश छोड़कर क्यों जा रहे हैं। उन्होंने विदेशी कंपनियों के भारत से कारोबार समेटने और भारतीय उद्योगपतियों के विदेश जाने का भी मुद्दा उठाया।
🔊 DJ और डॉल्बी सिस्टम को लेकर फडणवीस पर हमला
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में DJ और डॉल्बी सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि त्योहार और उत्सव पारंपरिक तरीके से मनाए जाने चाहिए और DJ तथा डॉल्बी सिस्टम का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर नागपुर में DJ पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है तो पूरे महाराष्ट्र में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता।
राज ठाकरे ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे आज बड़ी चुनौती हैं, लेकिन लोगों का ध्यान इनसे हटाने के लिए धार्मिक मुद्दों में उलझाया जा रहा है।
उन्होंने आगामी गणेशोत्सव के दौरान संभावित तनाव को लेकर भी चिंता जताई और हिंदू-मुस्लिम समुदायों के समझदार एवं जागरूक लोगों से सतर्क रहने की अपील की।







