संसद मानसून सत्र खत्म: आखिरी दिन लोकसभा सिर्फ 1 मिनट चली, राज्यसभा में करीब 1 घंटे काम
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र 2026 गुरुवार, 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही महज एक मिनट चली, जबकि राज्यसभा में करीब एक घंटे तक कामकाज हुआ।
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहे। वंदे मातरम के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
🏛️ राज्यसभा में MMDR संशोधन बिल पास
राज्यसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन MMDR संशोधन विधेयक पारित किया गया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में अपने एक कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण से जुड़ा मुद्दा भी सदन में उठाया।
इसके साथ ही संसद का मानसून सत्र समाप्त हो गया। सत्र के दौरान कई अहम विधेयकों पर चर्चा हुई, हालांकि दोनों सदनों में बार-बार हुए हंगामे और विरोध के कारण कामकाज प्रभावित रहा।
🐒 बंदर के खिलौने के साथ विपक्ष का प्रदर्शन
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ सांसद बंदर के खिलौने लेकर पहुंचे और नारेबाजी की।
मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में प्रियंका गांधी और सुप्रिया सुले समेत कई विपक्षी नेता शामिल रहे। संसद परिसर में विरोध के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच आमना-सामना भी देखने को मिला।
📉 लोकसभा में 114 घंटे में सिर्फ 17 घंटे 30 मिनट काम
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की कुल 19 बैठकें हुईं। सामान्य कार्यक्रम के हिसाब से सदन में करीब 114 घंटे कार्यवाही होनी थी।
लेकिन आंकड़ों के अनुसार लोकसभा में केवल करीब 17 घंटे 30 मिनट ही कामकाज हो सका। यानी लगभग 96 घंटे 30 मिनट की कार्यवाही हंगामे और व्यवधान के कारण प्रभावित हुई।
📊 राज्यसभा में भी कामकाज प्रभावित
राज्यसभा में भी 19 बैठकें हुईं और संभावित कार्यवाही का समय करीब 114 घंटे था। हालांकि, सदन में लगभग 37 घंटे 24 मिनट ही कामकाज हो सका।
इस तरह राज्यसभा में करीब 76 घंटे 36 मिनट की कार्यवाही प्रभावित रही।
📜 मानसून सत्र में 12 नए बिल पेश
संसद के मानसून सत्र 2026 के दौरान कुल 12 नए विधेयक पेश किए गए। इनमें से 10 विधेयक लोकसभा और 2 राज्यसभा में पेश किए गए थे।
इन विधेयकों का संबंध टैक्स, बैंकिंग, खनन, ट्रिब्यूनल, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, परीक्षा में नकल रोकने, केरल का नाम बदलने और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या जैसे विषयों से रहा।
MMDR संशोधन विधेयक के राज्यसभा से पारित होने के बाद 12 में से 11 विधेयक दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं। भारतीय सांख्यिकी संस्थान से जुड़ा एक विधेयक अभी दोनों सदनों से पारित होना बाकी है।






