farah khan triplets college goodbye

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Farah Khan Emotional Goodbye: तीन शहरों में कॉलेज जा रहे ट्रिपलेट्स, भावुक हुईं फराह खान- ‘मेरे दिल के तीन टुकड़े’

फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान के लिए अपने बच्चों को कॉलेज भेजना बेहद भावुक पल बन गया है। उनके तीनों बच्चे एक साथ कॉलेज की नई जिंदगी शुरू करने जा रहे हैं, लेकिन खास बात यह है कि वे तीन अलग-अलग शहरों और तीन अलग-अलग कैंपस में पढ़ाई करेंगे।

ऐसे में फराह को एक नहीं, बल्कि तीन बार अपने बच्चों को घर से विदा करना पड़ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर परिवार की तस्वीरें शेयर करते हुए इस खास और भावुक मौके की झलक दिखाई है।

❤️ तीन बच्चे, तीन शहर और तीन अलविदा

फराह खान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि अगर किसी एक बच्चे को कॉलेज भेजना ही इतना मुश्किल है, तो तीन बच्चों को एक साथ अलग-अलग शहरों में भेजने का अनुभव कितना भावुक होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

उन्होंने लिखा:

“If u thought moving ur kid to college was hard.. try doing it 3 times! 3 cities, 3 campuses.. 3 goodbyes! 3 pieces of my heart ❤️❤️❤️”

फराह ने इसके साथ अपने बच्चों को जिंदगी खुलकर जीने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें याद दिलाया कि चाहे वे कितनी भी दूर क्यों न चले जाएं, उनका घर हमेशा उनका इंतजार करेगा।

उन्होंने लिखा:

“Jao jee lo apni zindagi.. but remember, all roads lead back to Dad & mom..”

उनके इस संदेश में बच्चों को लेकर गर्व, प्यार और उनसे दूर होने का दर्द साफ दिखाई देता है।

🎓 बच्चों के कॉलेज जाने से बदल जाएगा परिवार का माहौल

तीनों बच्चों के अलग-अलग शहरों में कॉलेज जाने के साथ फराह और उनके पति शिरीष कुंदर के लिए भी जिंदगी का एक नया दौर शुरू हो रहा है।

अब तक जिन बच्चों के साथ घर में रोजमर्रा की जिंदगी बितती थी, वे अपने-अपने कॉलेज कैंपस में नई जिंदगी और नई जिम्मेदारियां शुरू करेंगे।

फराह के लिए यह पल इसलिए भी खास है क्योंकि वह अपने बच्चों को स्वतंत्र होते हुए देख रही हैं। एक तरफ उन्हें अपने बच्चों के नए सफर की खुशी और गर्व है, तो दूसरी तरफ घर से दूर जाने का भावुक एहसास भी है।

😄 पति शिरीष कुंदर को भी नहीं भूलीं फराह

फराह खान ने इस भावुक पोस्ट में अपने पति और फिल्ममेकर शिरीष कुंदर का भी जिक्र किया, लेकिन अपने खास मजाकिया अंदाज में।

उन्होंने तस्वीरों के साथ शिरीष को टैग करते हुए लिखा:

“to @shirishkunder for doing everything except cming in the family pics.. ❤️”

यानी फराह ने मजाक में कहा कि शिरीष ने परिवार के लिए सब कुछ किया, लेकिन खुद परिवार की तस्वीरों में आने से बच गए।

भावुक पोस्ट के बीच फराह का यह मजाकिया अंदाज परिवार की हल्की-फुल्की और मजेदार बॉन्डिंग भी दिखाता है।

💕 बेटी दिवा के लिए फराह का खास मैसेज

फराह ने अपनी बेटी दिवा कुंदर के लिए भी पोस्ट में एक खास संदेश लिखा।

उन्होंने कहा:

“p.s. – @divakunder u know why i chose this song 😜”

इस छोटे से मैसेज से संकेत मिलता है कि पोस्ट में इस्तेमाल किया गया गाना फराह और दिवा के बीच किसी खास याद या निजी कनेक्शन से जुड़ा हुआ है।

मां-बेटी के बीच की यह बॉन्डिंग फराह की पोस्ट को और खास बना देती है।

🏠 ‘सभी रास्ते वापस मां-पापा के पास आते हैं’

फराह खान का अपने बच्चों के लिए लिखा संदेश सोशल मीडिया पर खास तौर पर भावुक करने वाला है।

उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपनी जिंदगी को खुलकर जिएं, नए अनुभव हासिल करें और अपने सपनों की ओर आगे बढ़ें। लेकिन इसके साथ उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दुनिया में कहीं भी चले जाएं, घर और माता-पिता उनके लिए हमेशा मौजूद रहेंगे।

उनका यह संदेश उन माता-पिता की भावनाओं को भी दर्शाता है, जिनके बच्चे पहली बार पढ़ाई या करियर के लिए घर से दूर जाते हैं।

✈️ तीन अलग-अलग सफर, लेकिन घर एक

फराह के तीनों बच्चों के लिए कॉलेज का यह सफर उनकी जिंदगी में स्वतंत्रता और नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है।

तीन अलग-अलग शहर, तीन अलग-अलग कैंपस और तीन अलग-अलग अनुभव उनका इंतजार कर रहे हैं। वहीं फराह और शिरीष के लिए यह अपने बच्चों को धीरे-धीरे स्वतंत्र होते देखने का समय है।

फराह की पोस्ट का सबसे भावुक पहलू यही है कि बच्चे तीन अलग दिशाओं में जा रहे हैं, लेकिन परिवार के लिए घर और आपसी रिश्ता वही रहेगा।

🌟 फराह के लिए गर्व और जुदाई का मिला-जुला पल

बच्चों को कॉलेज भेजना किसी भी माता-पिता के लिए जिंदगी के बड़े पड़ावों में से एक होता है। फराह खान ने अपने पोस्ट के जरिए इसी अनुभव के खुशी और दर्द दोनों पहलुओं को सामने रखा है।

बच्चों के नए सफर को लेकर जहां उनके चेहरे पर गर्व और उत्साह है, वहीं उन्हें घर से दूर भेजने का भावुक एहसास भी साफ दिखाई देता है।

उनका संदेश यही है कि बच्चे अपनी जिंदगी में आगे बढ़ें, नए सपने देखें और उन्हें पूरा करें—लेकिन चाहे रास्ते कितने भी लंबे क्यों न हों, घर लौटने का रास्ता हमेशा खुला रहेगा।

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