गाजीपुर में दवा व्यापारियों की बड़ी हड़ताल 💊
Ghazipur में गुरुवार को अवैध ई-फार्मेसी और सरकार की नीतियों के विरोध में दवा व्यापारियों ने बड़ा आंदोलन किया। गाजीपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के लगभग 2750 मेडिकल स्टोर पूरे दिन बंद रहे।
इस हड़ताल का असर पूरे जिले में देखने को मिला, जिससे करीब 5000 मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं लगभग ₹100 करोड़ के कारोबार पर भी असर पड़ा।
लालदरवाजा से कलेक्ट्रेट तक निकाली गई रैली 🚩
दवा व्यापारियों ने महिला अस्पताल स्थित लालदरवाजा से कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकाली। इस प्रदर्शन में:
- व्यापार मंडल के पदाधिकारी
- यूपीएमएसआरए सदस्य
- मेडिकल स्टोर संचालक
- दवा कारोबारी
बड़ी संख्या में शामिल हुए।
ई-फार्मेसी पर लगाए गंभीर आरोप ⚠️
एसोसिएशन अध्यक्ष नागमणि मिश्र ने आरोप लगाया कि अवैध ई-फार्मेसी पारंपरिक दवा व्यापार को खत्म कर रही है।
उन्होंने कहा:
- बिना वैध पर्चे के ऑनलाइन दवा बिक्री हो रही है
- यह जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है
- भारी ऑनलाइन डिस्काउंट से छोटे व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं
सरकार के नियमों का भी विरोध 📜
व्यापारियों ने सरकार के:
- GSR 817E
- GSR 220E
नियमों को दवा व्यापार विरोधी बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की।
रैली के बाद दवा व्यापारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में रखी गई मुख्य मांगें 📌
दवा व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की:
- अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगे
- बिना सत्यापित प्रिस्क्रिप्शन के दवा डिलीवरी बंद हो
- ऑनलाइन कंपनियों की भारी छूट नीति खत्म की जाए
- स्थानीय मेडिकल स्टोरों के हितों की रक्षा हो
कई इलाकों में दिखा बंद का असर 🏥
हड़ताल का असर जिले के कई कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला।
प्रभावित क्षेत्र:
- नंदगंज
- सैदपुर
- जमानिया
- जंगीपुर
- दिलदारनगर
इन इलाकों में भी मेडिकल स्टोर बंद रहे।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी 🚨
दवा व्यापारियों ने साफ कहा कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
Important Highlights 📌
- गाजीपुर में 2750 मेडिकल स्टोर बंद
- 5000 से ज्यादा मरीज प्रभावित
- ₹100 करोड़ कारोबार प्रभावित
- ई-फार्मेसी के खिलाफ निकाली गई रैली
- सरकार के नियमों का विरोध









