Fake Income Tax Officers Gang
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the lallantop:Special 26 की तर्ज पर Fake Income Tax Raid, कारोबारी से ₹1 करोड़ की रंगदारी; 10 गिरफ्तार

फिल्म Special 26 की तर्ज पर फर्जी Income Tax और Crime Branch अधिकारी बनकर कारोबारियों के यहां रेड करने वाले एक कथित गिरोह का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि गैंग ने एक कारोबारी के घर पहुंचकर खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताया और कारोबारी तथा उसकी पत्नी को जबरन गाड़ी में बैठाकर उनके बिजनेस परिसर तक ले गया।

वहां मौजूद कर्मचारियों को भी सरकारी कार्रवाई का डर दिखाया गया। आरोपियों ने फर्जी सरकारी पहचान पत्र दिखाए, मोबाइल फोन जब्त किए, लैंडलाइन के तार काट दिए और कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद कारोबारी से मामला खत्म करने के बदले ₹1 करोड़ की रंगदारी मांगे जाने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें Income Tax Department के एक इंस्पेक्टर और एक टैक्स असिस्टेंट भी शामिल हैं।

🎬 ऐसे रची गई पूरी साजिश

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले कारोबारी के घर पहुंचे और खुद को Income Tax Department के अधिकारी बताया। उन्होंने कारोबारी को बताया कि उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है।

इसके बाद कारोबारी और उसकी पत्नी को जबरन वाहन में बैठाकर उनके बिजनेस परिसर ले जाया गया। वहां उस समय कारोबारी के 11 कर्मचारी मौजूद थे।

आरोपियों ने कर्मचारियों के सामने भी खुद को Income Tax और Crime Branch के अधिकारी-कर्मचारी बताया। फर्जी सरकारी पहचान पत्र दिखाकर ऐसा माहौल बनाया गया कि सभी को कार्रवाई असली सरकारी रेड जैसी लगे।

📵 मोबाइल जब्त किए, लैंडलाइन के तार काटे

बिजनेस परिसर में पहुंचने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर ऑफिस के लैंडलाइन फोन के तार काट दिए

इसके बाद कारोबारी, उसकी पत्नी और सभी 11 कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए। कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर बाहर निकलने से रोक दिया गया।

पुलिस के अनुसार, कारोबारी और उसकी पत्नी को कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और आयकर कार्रवाई का डर दिखाकर ₹1 करोड़ देने का दबाव बनाया गया।

👩 तीन महिलाओं के व्यवहार से हुआ शक

पूरी कथित कार्रवाई के दौरान कारोबारी को गैंग में शामिल तीन महिलाओं के व्यवहार पर शक होने लगा।

पुलिस के मुताबिक, कारोबारी को उनकी बातचीत और हाव-भाव आयकर विभाग के वास्तविक अधिकारियों जैसे नहीं लगे। इसी वजह से उसे संदेह हुआ कि उसके यहां चल रही कार्रवाई असली सरकारी रेड नहीं है।

इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और अंधेरी पुलिस ने जांच शुरू की।

तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और अब तक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

💰 गैंग में शामिल लोगों को मिलते थे ₹50 हजार

जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि गिरोह में शामिल दो आयकर अधिकारियों और दो अन्य आरोपियों ने बाकी लोगों को फर्जी रेड में अलग-अलग भूमिकाएं निभाने के लिए तैयार किया था।

हर व्यक्ति को ₹50 हजार देने का वादा किए जाने की बात सामने आई है।

किसी को सरकारी अधिकारी तो किसी को कर्मचारी की भूमिका दी गई, ताकि पूरी कार्रवाई वास्तविक सरकारी ऑपरेशन जैसी दिखाई दे।

🔎 पहले भी कर चुके हैं फर्जी रेड

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गिरोह की गतिविधियां सिर्फ अंधेरी तक सीमित नहीं थीं।

इससे पहले ठाणे के मानपाड़ा इलाके में भी इसी तरह की कथित फर्जी रेड की गई थी। उस मामले में करीब ₹25 लाख वसूले जाने की बात सामने आई थी। बाद में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

अंधेरी पुलिस अब पुराने मामलों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितने कारोबारियों को निशाना बनाया और कुल कितनी रकम वसूली।

🕵️ एक और आयकर अधिकारी की भूमिका भी जांच के घेरे में

जांच के दौरान Income Tax Department के एक और अधिकारी की कथित भूमिका भी पुलिस के रडार पर आई है।

पुलिस इस अधिकारी के संपर्कों और अन्य आरोपियों के साथ उसके कथित संबंधों की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस नेटवर्क में विभाग के और कितने लोगों की भूमिका हो सकती है।

👮 दो Income Tax कर्मचारी भी गिरफ्तार

पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर जानकारी मिली कि फर्जी रेड की साजिश में Income Tax Department के दो कर्मचारी भी शामिल थे।

गिरफ्तार किए गए दोनों कर्मचारियों में:

  • 57 वर्षीय सुरेश महावीरप्रसाद मिश्रा — Income Tax Inspector
  • 59 वर्षीय सुनील मनोहर गोरे — Tax Assistant

शामिल हैं।

👥 10 गिरफ्तार आरोपियों की सूची

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. संतोष उदय खोपटकर, 37 वर्ष
  2. विनय रमेश मोरे, 37 वर्ष
  3. प्रेम किसन सबनानी, 50 वर्ष
  4. प्रज्ञा हरीश माईन, 27 वर्ष
  5. रेश्मा शामराव वारंग, 41 वर्ष
  6. सबीना हाफीज शेख, 48 वर्ष
  7. सुरेश महावीरप्रसाद मिश्रा, 57 वर्ष
  8. सुनील मनोहर गोरे, 59 वर्ष
  9. जितु उर्फ जितेंद्र नामदेव मोरे, 52 वर्ष
  10. अशोक विठोबा शिंदे, 57 वर्ष
🚗 कारोबारी का पूर्व ड्राइवर निकला कथित मास्टरमाइंड

पुलिस के अनुसार, इस पूरी कथित साजिश में संतोष उदय खोपटकर की भूमिका अहम बताई जा रही है।

संतोष पहले कारोबारी राजकुमार कन्डासमी के यहां ड्राइवर के तौर पर काम करता था। दोनों के बीच विवाद होने के बाद राजकुमार ने कथित तौर पर उसे छह महीने का वेतन दिए बिना नौकरी से निकाल दिया था।

पुलिस का कहना है कि इसी नाराजगी में संतोष ने कारोबारी से जुड़ी पुरानी जानकारी का इस्तेमाल किया और छह पुरुषों तथा तीन महिलाओं के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी रेड की योजना बनाई।

🎥 ‘Special 26’ से प्रेरित थी कथित प्लानिंग

पुलिस की जांच के मुताबिक, आरोपियों ने फिल्म ‘Special 26’ से प्रेरणा लेकर कथित तौर पर पूरा ऑपरेशन तैयार किया था।

योजना में कथित तौर पर ये कदम शामिल थे:

  • कारोबारी के घर पहुंचना
  • खुद को Income Tax अधिकारी बताना
  • कारोबारी और उसकी पत्नी को वाहन से बिजनेस परिसर ले जाना
  • कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त करना
  • लैंडलाइन के तार काटना
  • कर्मचारियों को कमरे में बंद करना
  • सरकारी कार्रवाई का डर दिखाना
  • कथित तौर पर कारोबारी से ₹1 करोड़ की मांग करना

इस तरह पूरे ऑपरेशन को वास्तविक सरकारी रेड जैसा दिखाने की कोशिश की गई।

⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों पर धारा 61(2), 204, 205, 333, 140(2), 127(1), 351(2) और 308(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाने में जुटी है।

🔍 अब पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है?

अंधेरी पुलिस की जांच का दायरा अब इस मामले से आगे बढ़ गया है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:

  • गैंग ने अब तक कितनी फर्जी रेड कीं?
  • कितने कारोबारियों को निशाना बनाया गया?
  • कुल कितनी रकम वसूली गई?
  • ठाणे के मानपाड़ा मामले से इसका क्या संबंध है?
  • Income Tax Department के और कितने लोगों की कथित भूमिका हो सकती है?

पुलिस पुराने मामलों और आरोपियों के संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

📊 Fake Income Tax Raid Case: Key Facts
सवालजानकारी
मामलाफर्जी Income Tax/Crime Branch Raid
स्थानअंधेरी, मुंबई
कथित रंगदारी₹1 करोड़
गिरफ्तार आरोपी10
Income Tax कर्मचारी2
कर्मचारियों की मौजूदगी11
कर्मचारियों के मोबाइलकथित तौर पर जब्त
पुराना मामलाठाणे के मानपाड़ा में कथित फर्जी रेड
पुरानी कथित वसूलीकरीब ₹25 लाख
कथित प्रेरणाफिल्म ‘Special 26’
जांच एजेंसीअंधेरी पुलिस

कानूनी नोट: ये विवरण पुलिस की जांच और आरोपों पर आधारित हैं। गिरफ्तार किया जाना या किसी मामले में आरोपी होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है।

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