🚨 पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा का दौर जारी है। रविवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक Kalyan Banerjee पर कथित तौर पर हमला किया गया, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोट लग गई। यह घटना हुगली जिले के चंडीताला थाना क्षेत्र के बाहर हुई, जहां टीएमसी समर्थक अपने गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान वहां मौजूद भाजपा समर्थकों और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने “चोर-चोर” के नारे लगाए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और स्थिति हिंसक झड़प में बदल गई।
⚠️ हालात बिगड़ने पर स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए ताकि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके।
हमले के बाद कल्याण बनर्जी को सिर पर चोट के साथ देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। सांसद ने कहा कि वह केवल एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपने के लिए थाने जा रहे थे और शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे थे, लेकिन उन पर बिना किसी उकसावे के हमला किया गया।
🔥 एक दिन पहले अभिषेक बनर्जी पर भी हमला
यह घटना टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee पर हुए कथित हमले के ठीक एक दिन बाद सामने आई है। शनिवार को सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे, जहां उनके काफिले के खिलाफ प्रदर्शन हुआ।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने “चोर-चोर” के नारे लगाए और कथित रूप से काफिले पर अंडे तथा पत्थर फेंके। सुरक्षा कर्मियों को उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
🏛️ दो दिनों के भीतर टीएमसी के दो बड़े नेताओं पर हुए हमलों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्म कर दिया है। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जबकि राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनाव बाद हिंसा को लेकर बहस तेज हो गई है।









