पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच Sayoni Ghosh एक बार फिर विवादों में आ गई हैं। All India Trinamool Congress (TMC) की सांसद रही सयानी घोष के पुराने भाषण और चुनावी मंचों के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान सयानी घोष ने कई मंचों पर धार्मिक एकता का संदेश देने के लिए कभी कलमा पढ़ा तो कभी Hanuman Chalisa का पाठ किया। उन्होंने एक मंच से कहा था—“मेरे दिल में काबा है, आंखों में मदीना है”, जो उस समय धर्मनिरपेक्षता के संदेश के रूप में देखा गया था।
हालांकि, अब चुनावी नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स आरोप लगा रहे हैं कि यह सिर्फ वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा था। वहीं कुछ लोग इसे सांप्रदायिक सद्भाव का प्रयास भी बता रहे हैं।
इस पूरे विवाद में Yogi Adityanath की एंट्री का भी जिक्र हो रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान उनकी रैलियों के बाद सयानी घोष के मंचों पर दिए गए भाषणों को लेकर अब तुलना की जा रही है और उन्हें ट्रोल किया जा रहा है।
सयानी घोष ने संसद में भी कई बार अपनी बात शायराना अंदाज में रखी है और Narendra Modi पर तंज कसते हुए संविधान को “भगवद्गीता” बताया था। उनके इन बयानों को लेकर भी अब बहस तेज हो गई है।
इसके अलावा, 2015 का एक पुराना विवादित सोशल मीडिया पोस्ट भी फिर चर्चा में है, जिसमें धार्मिक भावनाओं को लेकर सवाल उठाए गए थे। चुनावी माहौल में यह मुद्दा फिर से उछलने लगा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान और विवाद चुनावी परिणामों के बाद और ज्यादा चर्चा में आते हैं, क्योंकि जनता का मूड बदलने के साथ ही नेताओं के पुराने बयान भी जांच के दायरे में आ जाते हैं।
📊 Key Highlights
- 🔥 Sayoni Ghosh का बयान फिर वायरल
- 🕌 काबा-मदीना vs 🕉️ हनुमान चालीसा विवाद
- ⚔️ सोशल मीडिया पर तेज बहस
- 🗳️ बंगाल चुनाव नतीजों के बाद मुद्दा गरमाया
- 🗣️ Yogi Adityanath की रैलियों से तुलना









