कांग्रेस से TMC और फिर BJP तक: ऐसे ‘शहंशाह’ बने शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम Bengal की राजनीति में Suvendu Adhikari आज सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो चुके हैं। BJP विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुने जाने के बाद अब वह राज्य की सत्ता के शीर्ष तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं।
करीब 6 साल पहले BJP में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी ने पार्टी को बंगाल में नई ताकत देने में अहम भूमिका निभाई। आज उन्हें BJP का ‘बाजीगर’ और बंगाल का नया ‘शहंशाह’ कहा जा रहा है।
कांग्रेस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
Suvendu Adhikari का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1995 में कांग्रेस के पार्षद के रूप में की थी।
बाद में वह कांथी नगरपालिका के अध्यक्ष भी बने और इलाके में मजबूत पकड़ बना ली।
TMC में एंट्री और तेजी से बढ़ा कद
जब Mamata Banerjee ने तृणमूल कांग्रेस बनाई, तब 2000 में शुभेंदु अधिकारी भी पार्टी के साथ जुड़ गए। All India Trinamool Congress में रहते हुए उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की।
उनके राजनीतिक सफर के बड़े पड़ाव:
- 2006: कांथी दक्षिण से विधायक बने
- 2009: तमलुक से सांसद चुने गए
- 2014: दोबारा लोकसभा पहुंचे
- 2016: नंदीग्राम से विधायक बने और मंत्री पद मिला
नंदीग्राम आंदोलन बना टर्निंग पॉइंट
नंदीग्राम और सिंगुर आंदोलन ने शुभेंदु अधिकारी को बंगाल की राजनीति में बड़ा चेहरा बना दिया। लेफ्ट सरकार के खिलाफ आंदोलन के दौरान उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।
इसी आंदोलन ने TMC को सत्ता तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई।
TMC में बढ़ी दूरी, BJP में हुई एंट्री
समय के साथ Abhishek Banerjee का पार्टी में प्रभाव बढ़ने लगा, जिससे शुभेंदु अधिकारी और TMC नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ती गई।
इसके बाद:
- नवंबर 2020 में मंत्री पद से इस्तीफा
- विधानसभा सदस्यता छोड़ी
- TMC से अलग हुए
- 19 दिसंबर 2020 को BJP में शामिल हो गए
उन्होंने Amit Shah की मौजूदगी में BJP जॉइन की थी।
ममता बनर्जी को दी बड़ी चुनौती
2021 विधानसभा चुनाव में Suvendu Adhikari ने नंदीग्राम सीट पर सीधे Mamata Banerjee को चुनौती दी और उन्हें हराकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
उसी चुनाव में BJP की सीटें 3 से बढ़कर 77 हो गई थीं।
2026 में बना BJP का सबसे बड़ा चेहरा
2026 चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने BJP के मिशन बंगाल की कमान संभाली। पार्टी ने उन्हें कई अहम सीटों की जिम्मेदारी दी।
रिपोर्ट के मुताबिक:
- उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर जीत दर्ज की
- BJP ने 294 में से 207 सीटें जीतीं
- उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया
अब वह पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं।
क्यों खास है शुभेंदु अधिकारी का सफर?
- कांग्रेस से शुरुआत
- 20 साल TMC में मजबूत पकड़
- नंदीग्राम आंदोलन से पहचान
- BJP में जाकर बड़ा राजनीतिक बदलाव
- ममता बनर्जी को दो बार चुनौती
इन सभी कारणों से शुभेंदु अधिकारी आज पश्चिम बंगाल की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जा रहे हैं।








