AI पर बड़ा दांव: Cisco करेगी 4,000 कर्मचारियों की छंटनी, लेकिन कमाई में जबरदस्त उछाल 💻📈
अमेरिकी टेक कंपनी Cisco Systems ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बिजनेस पर फोकस बढ़ाने के लिए करीब 4,000 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला लिया है। कंपनी ने यह कदम restructuring प्लान के तहत उठाया है ताकि AI और उससे जुड़े तेजी से बढ़ते सेक्टर में ज्यादा निवेश किया जा सके।
दिलचस्प बात यह है कि छंटनी की खबर के बावजूद Cisco के शेयरों में 16% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। 📊
क्यों हो रही है छंटनी? 🤔
Cisco अब अपने बिजनेस को AI infrastructure, silicon chips, optics और cybersecurity जैसी हाई-ग्रोथ टेक्नोलॉजी पर शिफ्ट कर रही है।
कंपनी के CEO Chuck Robbins ने कहा कि:
“AI के दौर में वही कंपनियां सफल होंगी जो तेजी से बदलती मांग के हिसाब से निवेश करेंगी।”
इसी रणनीति के तहत कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है।
AI बिजनेस से Cisco को बड़ा फायदा 💰
AI data centers और hyperscaler कंपनियों से Cisco को भारी मात्रा में ऑर्डर मिल रहे हैं।
- अब तक AI infrastructure orders: 5.3 बिलियन डॉलर
- 2026 के लिए नया अनुमान: 9 बिलियन डॉलर
- Networking products orders: 50% से ज्यादा बढ़ोतरी
- Data-center switching orders: 40% की वृद्धि
AI servers और processors के साथ-साथ उन्हें जोड़ने वाले हाई-स्पीड नेटवर्क की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिसका फायदा Cisco को मिल रहा है। 🚀
कंपनी ने बढ़ाया Revenue Forecast 📈
Cisco ने 2026 वित्त वर्ष के लिए अपनी कमाई का अनुमान बढ़ा दिया है।
| पुराना अनुमान | नया अनुमान |
|---|---|
| $61.2B – $61.7B | $62.8B – $63B |
इसके अलावा कंपनी को उम्मीद है कि 2027 तक केवल AI hyperscale बिजनेस से कम से कम 6 बिलियन डॉलर की कमाई हो सकती है।
कितने कर्मचारियों पर असर? 👨💼
Cisco में फिलहाल करीब 86,200 कर्मचारी काम करते हैं। नई restructuring के तहत:
- 4,000 से कम नौकरियां खत्म होंगी
- यह कुल workforce का 5% से कम है
- restructuring की कुल लागत करीब 1 बिलियन डॉलर होगी
कंपनी का कहना है कि यह बदलाव भविष्य की AI growth strategy को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं।
टेक इंडस्ट्री के लिए बड़ा संकेत 🌍
Cisco का यह कदम दिखाता है कि दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां अब AI को सबसे बड़ा भविष्य मान रही हैं। Microsoft, Google और Amazon की तरह Cisco भी AI infrastructure मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।








