Street Fighter Review: विद्युत जामवाल का एक्शन दमदार, लेकिन कमजोर कहानी ने बिगाड़ा खेल
हॉलीवुड फिल्म Street Fighter 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। एंड्रयू कोजी, नोहा सेंटिनियो, कैलिना लियांग, विद्युत जामवाल और जेसन मोमोआ जैसे सितारों से सजी इस एक्शन-एडवेंचर फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता थी। हालांकि, फिल्म के एक्शन और कलाकारों के प्रदर्शन के बावजूद इसकी कमजोर कहानी और बिखरी हुई पटकथा मनोरंजन के अनुभव को प्रभावित करती है।
नवभारत टाइम्स की समीक्षा में फिल्म को 5 में से 2.5 स्टार दिए गए हैं। निर्देशक किताओ सकुराई की इस फिल्म में लोकप्रिय वीडियो गेम सीरीज के किरदारों और फाइटिंग स्टाइल को बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश की गई है। भारतीय दर्शकों के लिए खास आकर्षण विद्युत जामवाल हैं, जो इस फिल्म से हॉलीवुड में कदम रख रहे हैं।
Street Fighter की कहानी क्या है?
फिल्म की कहानी साल 1993 में सेट है। इसमें दो पुराने फाइटर दोस्त र्यू और केन मास्टर्स की कहानी दिखाई गई है। र्यू का किरदार एंड्रयू कोजी ने निभाया है, जबकि केन मास्टर्स की भूमिका नोहा सेंटिनियो ने निभाई है।
दोनों दोस्त अपने जीवन में अलग-अलग रास्तों पर पहुंच चुके हैं। र्यू गुमनामी में जीवन बिता रहा है, जबकि केन एक गैर-गंभीर मीडिया सेलिब्रिटी बन चुका है। इसी बीच, तानाशाह एम. बाइसन दूसरे वर्ल्ड वॉरियर टूर्नामेंट की घोषणा करता है।
रहस्यमयी चंग-ली इन दोनों योद्धाओं को दूसरे फाइटर्स के साथ मुकाबले में शामिल होने के लिए प्रेरित करती है। शुरुआत में यह टूर्नामेंट अपनी ताकत साबित करने का मौका लगता है, लेकिन इसके पीछे एक गहरी साजिश छिपी होती है।
विद्युत जामवाल ने अपने एक्शन से जीता ध्यान
फिल्म में भारतीय अभिनेता विद्युत जामवाल ने धालसिम का किरदार निभाया है। अपने मार्शल आर्ट्स कौशल और एक्शन के लिए पहचाने जाने वाले विद्युत इस फिल्म में भी प्रभावशाली नजर आते हैं।
हालांकि, समीक्षा के मुताबिक, उन्हें स्क्रीन पर ज्यादा समय नहीं मिला है। उनके हिस्से एक प्रमुख एक्शन सीक्वेंस आता है, जिसमें वह अपनी फाइटिंग क्षमता का प्रदर्शन करते हैं। उनके किरदार की पृष्ठभूमि और कहानी को पर्याप्त विस्तार नहीं दिया गया, जिससे दर्शकों को धालसिम के बारे में ज्यादा जानने का मौका नहीं मिलता।
विद्युत के प्रशंसकों के लिए यह बात निराशाजनक हो सकती है, क्योंकि फिल्म में उनके किरदार का इस्तेमाल और बेहतर तरीके से किया जा सकता था।
एक्शन और वीडियो गेम जैसा अंदाज फिल्म की खासियत
Street Fighter की सबसे बड़ी खूबियों में इसका एक्शन, रंगीन कॉस्ट्यूम और वीडियो गेम से प्रेरित किरदारों का अंदाज शामिल है। फिल्म में फाइट मूव्स और एक्शन कोरियोग्राफी को इस तरह पेश करने की कोशिश की गई है कि गेम के प्रशंसकों को परिचित अनुभव मिले।
एंड्रयू कोजी का गंभीर और इंटेंस अंदाज तथा नोहा सेंटिनियो की हल्की-फुल्की शैली दोनों किरदारों के बीच दिलचस्प अंतर पैदा करती है। कैलिना लियांग चंग-ली के रूप में प्रभावित करती हैं, जबकि डेविड डास्टमालचैन का एम. बाइसन का किरदार सनकी और खतरनाक नजर आता है।
जेसन मोमोआ, रोमन रेंस, 50 सेंट और कोडी रोड्स जैसे कलाकार भी फिल्म में दिखाई देते हैं। हालांकि, सभी किरदारों को पर्याप्त समय और पृष्ठभूमि नहीं मिलने से उनकी भूमिकाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो पातीं।
कमजोर स्क्रीनप्ले और एडिटिंग ने किया निराश
फिल्म की सबसे बड़ी समस्या इसकी पटकथा है। कहानी में कई घटनाएं और किरदार एक साथ आगे बढ़ते हैं, लेकिन उनके बीच पर्याप्त जुड़ाव महसूस नहीं होता। जिन दर्शकों ने मूल वीडियो गेम नहीं खेला है, उनके लिए घटनाओं और किरदारों को समझना मुश्किल हो सकता है।
धालसिम सहित कई फाइटर्स की पिछली जिंदगी के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई है। चंग-ली के पिता की हत्या, उसकी भूमिका और एम. बाइसन की साजिश जैसे पहलुओं को भी अपेक्षित गहराई नहीं मिलती।
एडिटिंग भी कहानी को प्रभावित करती है। कुछ अहम घटनाक्रम अचानक सामने आते हैं, जबकि कुछ ट्रैक बीच में छूटते हुए महसूस होते हैं। इससे फिल्म की गति और कहानी की निरंतरता कमजोर पड़ती है।
Street Fighter देखें या नहीं?
अगर आप वीडियो गेम पर आधारित फिल्मों, मार्शल आर्ट्स और तेज एक्शन के प्रशंसक हैं, तो Street Fighter आपको कुछ मनोरंजक पल दे सकती है। विद्युत जामवाल का प्रदर्शन और फिल्म का गेम-प्रेरित दृश्य संसार इसके प्रमुख आकर्षण हैं।
लेकिन अगर आप मजबूत कहानी, किरदारों की विस्तृत पृष्ठभूमि और अच्छी तरह जुड़ी पटकथा की उम्मीद कर रहे हैं, तो फिल्म निराश कर सकती है।
रेटिंग: 2.5/5 स्टार









