ज्ञानेश कुमार पर घमासान रामदास आठवले ने CJP को क्या कहा
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ज्ञानेश कुमार पर घमासान: रामदास आठवले ने CJP को क्या कहा?

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिलाने के बाद अब ज्ञानेश कुमार के मामले में न पड़ें: रामदास आठवले की CJP को सलाह

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के बजाय छात्रों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि CJP का गठन नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के मुद्दे को उठाने के लिए हुआ था और अब पार्टी को शिक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा प्रक्रिया में सुधार पर ध्यान देना चाहिए।

आठवले की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब दिल्ली में चुनाव आयोग और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की तैयारी की है। वहीं, CJP भी अपने प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति लेने की योजना बना रही है।

रामदास आठवले ने CJP को क्या सलाह दी?

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने रविवार को CJP के आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।

आठवले के अनुसार, उस समय पार्टी की मांगों पर कार्रवाई हुई थी। ऐसे में अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के बजाय छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि CJP को यह मुद्दा उठाना चाहिए कि छात्रों को किस तरह की शिक्षा नीति मिलनी चाहिए, परीक्षाएं किस तरीके से आयोजित होनी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

आठवले का कहना है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन करना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस तरह के आंदोलनों से राजनीतिक अस्थिरता और आम लोगों को परेशानी हो सकती है।

ज्ञानेश कुमार के समर्थन में क्या बोले आठवले?

रामदास आठवले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर अपनी बात रखी।

उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से हटाए गए लगभग 13 करोड़ नामों में अलग-अलग कारण शामिल हैं। उनके मुताबिक, इनमें करीब 6 करोड़ ऐसे लोग हैं, जो नौकरी या कारोबार के कारण एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए हैं।

आठवले ने यह भी दावा किया कि लगभग एक करोड़ लोगों के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे और ऐसे मामलों में एक नाम हटाया गया। इसके अलावा, उन्होंने करीब तीन करोड़ लोगों के लापता होने की बात कही।

ये आंकड़े केंद्रीय मंत्री के बयान पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और पूरी श्रेणीवार जानकारी के बिना इन्हें निर्वाचन आयोग के सत्यापित अंतिम आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर उठाए सवाल

रामदास आठवले ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के चुनावों में वोट चोरी के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सीटों में हुई बढ़ोतरी को भी उसी तर्क से देखा जाना चाहिए, जिसका इस्तेमाल विपक्ष चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाने के लिए कर रहा है।

आठवले ने राहुल गांधी से सवाल किया कि यदि चुनाव में सीटों की संख्या बढ़ने को जनसमर्थन का परिणाम माना जाता है, तो चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के लिए ठोस आधार भी सामने रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव परिणाम जनता के मतदान से तय होते हैं। उनके मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा आंदोलन बेबुनियाद है।

हालांकि, चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित संस्थाओं की प्रक्रिया के आधार पर की जानी चाहिए। राजनीतिक बयान अपने आप में किसी आरोप को सही या गलत साबित नहीं करते।

CJP नेताओं की हिरासत के बाद बढ़ा विवाद

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके सहित पार्टी के कई नेताओं को शनिवार को हिरासत में लिया गया था। खबर के अनुसार, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के आंदोलन और उसके नेताओं के बयानों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हुई। CJP का कहना है कि वह अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी रखना चाहती है।

इससे पहले भी रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके के बयानों पर आपत्ति जताई थी। तीन अक्टूबर को उन्होंने आरोप लगाया था कि दीपके ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। आठवले ने उस समय भी उन्हें ऐसे बयान बंद करने की चेतावनी दी थी।

दिल्ली में आज प्रदर्शन की तैयारी

सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्ष और CJP की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।

कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी की है। इस प्रदर्शन में देश के विभिन्न हिस्सों से कार्यकर्ताओं को शामिल होने के लिए बुलाया गया है। दूसरी ओर, CJP सुबह 10 बजे शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पुलिस स्टेशन जाने वाली थी।

CJP ने कहा है कि यदि 24 घंटे के भीतर उसे प्रदर्शन के लिए समय नहीं दिया जाता है, तो वह स्वयं आंदोलन के स्थान और समय की घोषणा करेगी।

इन घटनाक्रमों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति, उसके आयोजन और आगे की कार्रवाई से संबंधित अंतिम स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए।

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