Pakistani Farmers’ Protest Against Rising Crop Prices
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पाकिस्तान में 18 अक्टूबर को किसानों का देशव्यापी प्रदर्शन, गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग

पाकिस्तान में किसानों का देशव्यापी प्रदर्शन 18 अक्टूबर को, गन्ने और गेहूं के दाम बढ़ाने की मांग

पाकिस्तान में किसानों का बड़ा गठबंधन 18 अक्टूबर 2026 को देश के चारों प्रांतों में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहा है। पाकिस्तान किसान राबिता कमेटी (PKRC) ने किसानों की आय, गेहूं और गन्ने के समर्थन मूल्य तथा कृषि नीतियों से जुड़ी मांगों को लेकर इस आंदोलन का आह्वान किया है।

चिनिमंडी की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, 36 किसान संगठनों के इस महासंघ ने 7 अक्टूबर को लाहौर से प्रदर्शन की घोषणा की थी। संगठन का आरोप है कि सरकार की मौजूदा नीतियों से किसानों की आय प्रभावित हो रही है। किसान नेताओं ने सरकार से प्रदर्शन से पहले बातचीत शुरू कर समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की है।

गन्ने का समर्थन मूल्य 700 पाकिस्तानी रुपये प्रति 40 किलो करने की मांग

पाकिस्तान में गन्ना उत्पादकों की प्रमुख मांगों में गन्ने का समर्थन मूल्य 700 पाकिस्तानी रुपये प्रति 40 किलोग्राम तय करना शामिल है। किसान संगठन का कहना है कि गन्ने की उचित कीमत सुनिश्चित करने के साथ-साथ चीनी मिलों द्वारा किसानों को समय पर भुगतान भी कराया जाना चाहिए।

इसके लिए PKRC ने सरकार से चीनी मिलों की भुगतान प्रक्रिया पर सख्त निगरानी रखने की मांग की है। किसानों के मुताबिक, भुगतान में देरी और फसल की कीमत को लेकर अनिश्चितता उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है।

गेहूं का MSP 5,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति मन करने की मांग

किसान गठबंधन गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति मन तय करने की मांग कर रहा है। संगठन चाहता है कि बुवाई शुरू होने से पहले ही सरकार गेहूं की कीमत घोषित करे, ताकि किसान फसल की लागत और संभावित कमाई का आकलन करके खेती से जुड़े फैसले ले सकें।

PKRC ने गेहूं की सरकारी खरीद में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका से जुड़े फैसले को वापस लेने की मांग भी उठाई है। संगठन के अनुसार, निजी व्यापारियों पर खरीद की जिम्मेदारी छोड़ने से किसानों को अपनी उपज की कीमत को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।

इसके विकल्प के रूप में किसान संगठन पाकिस्तान एग्रीकल्चरल स्टोरेज एंड सर्विसेज कॉरपोरेशन (PASSCO) और प्रांतीय खाद्य विभागों के माध्यम से सरकारी खरीद व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहा है।

सब्सिडी और आसान कृषि ऋण भी प्रमुख मांगें

किसानों का आंदोलन केवल गेहूं और गन्ने की कीमतों तक सीमित नहीं है। PKRC ने कृषि संबंधी इनपुट पर सब्सिडी देने और छोटे तथा मध्यम किसानों के लिए आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी की है।

संगठन चाहता है कि कृषि नीतियां तैयार करने की प्रक्रिया में किसान प्रतिनिधियों को औपचारिक भागीदारी दी जाए, ताकि खेती से जुड़ी समस्याओं और किसानों की जरूरतों को नीति निर्धारण में जगह मिल सके।

PKRC के अध्यक्ष तारिक महमूद और महासचिव रिफत मकसूद संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं, सूचना सचिव हसनैन जमील फरीदी ने किसान गठबंधन की मांगों की सूची जारी की है।

सरकार से बातचीत की अपील

PKRC ने सरकार से 18 अक्टूबर से पहले बातचीत शुरू करने की अपील की है, ताकि देशव्यापी विरोध प्रदर्शन से पहले मांगों पर सहमति बनाने की कोशिश की जा सके।

चिनिमंडी की रिपोर्ट के मुताबिक, 16 अक्टूबर तक सरकार की ओर से इन मांगों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रस्तावित प्रदर्शन में किसानों की भागीदारी और सरकार की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

किसानों की प्रमुख मांगें गन्ने और गेहूं की कीमतों में सुधार, समय पर भुगतान, सरकारी खरीद व्यवस्था, कृषि सब्सिडी और आसान ऋण से संबंधित हैं। 18 अक्टूबर का प्रस्तावित आंदोलन पाकिस्तान में कृषि मूल्य निर्धारण और किसानों की आर्थिक चुनौतियों को लेकर चल रही बहस को सामने ला सकता है।

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