📰 Bengal Elections: 58 लाख वोटर डिलीट पर अड़े चुनाव अधिकारी, बोले- सब नियम के तहत
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले 58 लाख वोटर हटाने का मामला चर्चा में है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने साफ कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है और वे अपने फैसले पर कायम हैं
👉 यह प्रक्रिया Special Intensive Revision (SIR) के तहत हुई
📊 वोटर क्यों हटाए गए?
अग्रवाल के मुताबिक:
- ❌ मृत (Dead)
- ❌ स्थानांतरित (Shifted)
- ❌ डुप्लीकेट नाम
- ❌ Enumeration फॉर्म जमा नहीं
👉 इन कारणों से कुल 58 लाख नाम हटाए गए
📉 कुल वोटर संख्या:
- पहले: 7.66 करोड़
- अब: 7.08 करोड़
⚖️ विवाद क्यों?
- आरोप: एक खास समुदाय को टारगेट किया गया
- विपक्ष ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए
👉 लेकिन अधिकारी ने कहा:
- उन्होंने सिर्फ supervision किया
- पूरा काम neutral तरीके से हुआ
🗳️ चुनाव कब होंगे?
📅 दो चरणों में मतदान:
- 23 अप्रैल 2026
- 29 अप्रैल 2026
🛡️ सुरक्षा और तैयारी
- हर विधानसभा सीट पर observer
- 84 पुलिस observers तैनात
- CAPF पहले से तैनात होगी
- कुछ बूथों पर 360° कैमरा निगरानी
👉 लक्ष्य: Violence-free election
⚠️ BLO मौतों पर क्या कहा?
- SIR से जुड़ी मौत का कोई official proof नहीं
- बिना रिपोर्ट के compensation संभव नहीं
यह मामला चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
👉 एक तरफ प्रशासन इसे नियमों के तहत सुधार बता रहा है
👉 वहीं विपक्ष इसे मतदाता सूची में छेड़छाड़ कह रहा है







