Yogi Adityanath की सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए एक अहम बदलाव किया है। अब उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर भी पोस्टपेड सिस्टम की तरह काम करेंगे। यानी उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और उसे जमा करने के लिए पूरे 15 दिन का समय दिया जाएगा।
यह फैसला उन शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें लोग बता रहे थे कि प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होते ही अचानक बिजली कट जाती थी। अब नई व्यवस्था के बाद ऐसी परेशानी से काफी हद तक राहत मिलेगी। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार, यह कदम उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
⚡ अब कैसे आएगा बिजली बिल?
नई व्यवस्था के तहत हर महीने की खपत का हिसाब तैयार होगा और 10 तारीख तक उपभोक्ताओं को बिल भेज दिया जाएगा। यह बिल SMS और WhatsApp के जरिए सीधे मोबाइल पर मिलेगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि बिल मिलने के बाद भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।
📲 अगर बिल नहीं मिले तो क्या करें?
अगर किसी कारण से बिल समय पर नहीं मिलता, तो उपभोक्ता WhatsApp चैटबॉट के जरिए अपना कनेक्शन नंबर भेजकर बिल निकाल सकते हैं। इसके अलावा 1912 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर भी बिल प्राप्त किया जा सकता है।
💰 बकाया बिल पर भी राहत
सरकार ने 30 अप्रैल तक के बकाया बिल को 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा दी है। इससे उपभोक्ताओं को एक साथ पूरा भुगतान करने का दबाव नहीं रहेगा।
🏦 सिक्योरिटी जमा करने में आसान विकल्प
जिन उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी पहले लौटाई गई थी, उनसे अब यह राशि दोबारा ली जाएगी, लेकिन एकमुश्त नहीं। इसे चार किस्तों में जमा किया जा सकेगा, जिससे आर्थिक बोझ कम होगा।
🛠️ शिकायतों के समाधान के लिए कैंप
मई और जून में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां उपभोक्ता स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे। साथ ही ऑनलाइन शिकायत की सुविधा भी जारी रहेगी।
🔌 बिजली आपूर्ति पर भी सख्ती
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तय समय के अनुसार बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए। ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर तुरंत बदलने के आदेश भी दिए गए हैं।








