डिजिटल गवर्नेंस को और मजबूत बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने सभी विभागों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपने कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षित करें।
इसके लिए कर्मचारियों को iGOT Karmayogi platform का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म Mission Karmayogi के तहत विकसित एक राष्ट्रीय डिजिटल लर्निंग पोर्टल है, जहां सरकारी कर्मचारियों के लिए मुफ्त और प्रमाणित (certified) कोर्स उपलब्ध हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को अधिक तेज, स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित (citizen-centric) बनाना है। AI स्किलिंग से कर्मचारी आधुनिक तकनीकों को समझ सकेंगे और सरकारी सेवाओं को बेहतर तरीके से लागू कर पाएंगे।
राज्य की प्रमुख ट्रेनिंग संस्था Haryana Institute of Public Administration (HIPA) भी इस अभियान को सक्रिय रूप से सपोर्ट कर रही है। संस्था लगातार AI के बढ़ते महत्व को उजागर कर रही है और अधिकारियों को नई तकनीकों के लिए तैयार कर रही है।
🤖 कौन-कौन से कोर्स मिलेंगे?
इस प्लेटफॉर्म पर सरकारी कर्मचारियों को कई तरह के AI कोर्स उपलब्ध कराए गए हैं:
- 📊 Generative AI for Governance
- 🏙️ Urban Governance में AI का उपयोग
- 🌾 Rural Development और Education में AI
- ⚙️ Digital Transformation Tools
- 💻 Microsoft Copilot जैसे Productivity Tools
इन कोर्सेज को Microsoft, Wadhwani Foundation, National e-Governance Division और Invest India जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा तैयार किया गया है।
🎯 सरकार का उद्देश्य
- ✅ सरकारी कामकाज को तेज और स्मार्ट बनाना
- ✅ डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा देना
- ✅ बेहतर पब्लिक सर्विस डिलीवरी
- ✅ टेक्नोलॉजी-ड्रिवन गवर्नेंस
⚡ कर्मचारियों के लिए क्या खास?
👉 ये कोर्स फ्री, ऑनलाइन और self-paced हैं
👉 कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार सीख सकते हैं
👉 काम पर असर डाले बिना स्किल अपग्रेड कर सकते हैं









