🚀 Major Defence Milestone by DRDO & Indian Navy
भारत ने अपनी रक्षा क्षमता में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
Defence Research and Development Organisation और Indian Navy ने मिलकर Naval Anti-Ship Missile – Short Range (NASM-SR) का सफल परीक्षण किया।
यह परीक्षण ओडिशा के तट के पास Bay of Bengal में किया गया।
🎯 क्या खास रहा इस टेस्ट में?
- 🚁 हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म से लॉन्च
- 🚀 एक साथ 2 मिसाइल (salvo launch)
- 🥇 पहली बार ऐसा सफल परीक्षण
👉 यह भारत का पहला air-launched anti-ship missile salvo test है।
🎯 सभी लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरे
टेस्ट के दौरान:
- 📡 रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम से ट्रैकिंग
- 📊 टेलीमेट्री डेटा से पुष्टि
- 🎯 waterline hit capability सफल
👉 यानी मिसाइल सीधे जहाज के सबसे कमजोर हिस्से पर वार कर सकती है।
⚙️ मिसाइल की एडवांस टेक्नोलॉजी
NASM-SR में कई आधुनिक फीचर्स शामिल हैं:
- 🔥 Solid propulsion booster + long-burn sustainer
- 🧠 Advanced navigation system (INS + fibre-optic gyroscope)
- 📡 High-bandwidth two-way data link
- 🎯 Precision guidance algorithm
- 📏 Radio altimeter
👉 सभी प्रमुख सिस्टम स्वदेशी (indigenous) हैं।
🏭 किन संस्थानों ने किया विकास?
इस मिसाइल को विकसित किया गया:
- 🏢 Research Centre Imarat
- 🧪 Defence Research & Development Laboratory
- ⚗️ High Energy Materials Research Laboratory
- 🎯 Terminal Ballistics Research Laboratory
- 📡 Integrated Test Range, Chandipur
👉 इसमें भारतीय इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स का भी योगदान है।
🇮🇳 रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
Rajnath Singh ने इस सफलता पर DRDO, भारतीय नौसेना और वायुसेना को बधाई दी।
👉 उन्होंने कहा कि यह मिसाइल भारत की रक्षा क्षमता को और मजबूत करेगी।
NASM-SR का सफल परीक्षण भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक का बड़ा उदाहरण है।
👉 यह उपलब्धि समुद्री युद्ध क्षमता को नई ऊंचाई देगी।





