भारत में बढ़ते LPG संकट के बीच केंद्र सरकार अब किचन सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण देश में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार अब इंडक्शन कुकिंग को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। इस बैठक में इंडक्शन हीटर और उससे जुड़े कुकवेयर के उत्पादन को तेजी से बढ़ाने पर चर्चा की गई।
इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें DPIIT सचिव अमरदीप सिंह भाटिया, पावर सचिव पंकज अग्रवाल और Directorate General of Foreign Trade (DGFT) के प्रमुख लव अग्रवाल भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में इंडक्शन आधारित उपकरणों की पूरी मैन्युफैक्चरिंग चेन को मजबूत करना था।
सरकार का यह कदम सीधे तौर पर LPG पर निर्भरता कम करने से जुड़ा है। वर्तमान में भारत अपनी बड़ी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है, और अगर वहां का तनाव लंबा चलता है, तो सप्लाई पर और असर पड़ सकता है।
इस दिशा में Ministry of Petroleum and Natural Gas भी पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) के विस्तार पर काम कर रहा है, ताकि घरेलू स्तर पर वैकल्पिक ऊर्जा विकल्प बढ़ाए जा सकें।
यह पूरी रणनीति हाल ही में Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक के बाद बनाई गई है। प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों को भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडक्शन कुकिंग को बढ़ावा देने से न केवल मौजूदा LPG संकट से राहत मिलेगी, बल्कि लंबे समय में देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी









