Indian Air Force (IAF) ने पुणे एयरपोर्ट पर हुए सुखोई फाइटर जेट की हार्ड लैंडिंग मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए हैं।
यह घटना तब हुई जब Sukhoi Su-30MKI फाइटर जेट ने लैंडिंग के दौरान तकनीकी समस्या का सामना किया। लैंडिंग के वक्त विमान के अंडरकैरेज में खराबी आ गई, जिससे वह रनवे पर ही फंस गया।
इस घटना के बाद पुणे का सिविल-मिलिट्री एयरपोर्ट लगभग 10 घंटे तक बंद रहा। हालांकि, रातभर चले ऑपरेशन के बाद विमान को हटाकर रनवे को फिर से चालू कर दिया गया और सुबह से फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य हो गए।
IAF के प्रवक्ता विंग कमांडर Jaideep Singh ने बताया कि जांच के तहत सभी संभावित कारणों की पड़ताल की जाएगी। इसमें लैंडिंग के समय विमान की स्पीड, पायलट की प्रतिक्रिया और तकनीकी सिस्टम की स्थिति शामिल है।
तकनीकी टीम विशेष रूप से ओलियो-प्न्युमैटिक सिस्टम की जांच करेगी, जो लैंडिंग के दौरान झटके को संभालने में अहम भूमिका निभाता है।
अधिकारियों के अनुसार, किसी भी हार्ड लैंडिंग के पीछे आमतौर पर कई कारण होते हैं, इसलिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी।
📊 Key Highlights
- पुणे एयरपोर्ट पर सुखोई जेट की हार्ड लैंडिंग
- IAF ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए
- अंडरकैरेज फेल होने से रनवे पर फंसा विमान
- करीब 10 घंटे तक एयरपोर्ट बंद
- सुबह से फिर शुरू हुई फ्लाइट सेवाएं
❓ What Caused the Incident?
- लैंडिंग के समय अंडरकैरेज में खराबी
- संभावित हाई वर्टिकल स्पीड
- तकनीकी सिस्टम की जांच जारी
❓ What Will Investigation Check?
- पायलट की प्रतिक्रिया
- एयरक्राफ्ट सिस्टम फेलियर
- ओलियो-प्न्युमैटिक सिस्टम
- लैंडिंग इम्पैक्ट डेटा
🔮 What Happens Next?
- कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी रिपोर्ट तैयार होगी
- तकनीकी खामियों की पहचान
- भविष्य में सुरक्षा उपाय और सख्त किए जाएंगे









