🗣️ Mandana का बयान: “हम सालों से लड़ रहे हैं”
NDTV को दिए इंटरव्यू में Mandana ने कहा कि ईरान में लोग “खाली हाथ” विरोध करते रहे हैं और कई जानें गई हैं। उनके मुताबिक, समुदाय के भीतर गुस्सा और शोक साथ-साथ मौजूद हैं—कई लोग इस शासन से मुक्ति की उम्मीद में जश्न भी मना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 1979 से चले आ रहे इस्लामिक रिपब्लिक शासन के खिलाफ असंतोष नया नहीं है, बल्कि दशकों पुरा

भारत में प्रदर्शनों पर नाराज़गी
Mandana ने भारत में शासन के समर्थन में हो रहे कुछ प्रदर्शनों पर निराशा जताई।
“Abhi mera dil bahut toot gaya hai… main do hafte pehle candlelight protest karne gayi thi for my people, and I did not get permission.”
🌍 भू-राजनीतिक संदर्भ
- US-Israel के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने क्षेत्र के कई अरब देशों की ओर ड्रोन/मिसाइल दागे।
- ईरान में 40 दिनों का सार्वजनिक शोक मनाया जा रहा है।
- क्षेत्र में सुरक्षा और कूटनीतिक तनाव चरम पर है।

🎥 Mandana का भारत कनेक्शन
- Bigg Boss 9 और Lock-Upp में भागीदारी
- फिल्मों में काम: Roy, Bhaag Johnny, Main Aur Charles, Kyaa Kool Hain Hum 3
- टीवी शो Ishqbaaaz में भी नजर आईं
Mandana Karimi का बयान व्यक्तिगत पीड़ा और राजनीतिक असंतोष दोनों को दर्शाता है। मौजूदा घटनाक्रम ने Middle East में तनाव को और बढ़ा दिया है, जबकि प्रवासी समुदायों में भावनाएँ तेज हैं।
Mandana Karimi ने ईरान के शासन को “cancerous cell in the Middle East” बताया.
कहा—ईरान में लोग वर्षों से विरोध कर रहे हैं और भारी कीमत चुका रहे हैं.
भारत में कुछ जगहों पर शासन के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों से “mera dil toot gaya” कहा.
US-Israel संयुक्त सैन्य हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ा; ईरान ने जवाबी ड्रोन/मिसाइल हमले किए.

🔥 1) क्यूँ हुई मौतें — क्या वजह थी?
🛫 मुख्य वजह: संयुक्त US-Israel सैन्य हमलों के दौरान बमबारी/हवाई हमले
- 28 फरवरी 2026 को यूनाइटेड स्टेट्स और इज़राइल ने मिलकर बड़े पैमाने पर मिसाइल और हवाई हमले किए जो ईरान के राजधानी तेहरान में शीर्ष नेतृत्व को लक्ष्य बनाकर किए गए थे।
- इसी हमले में Ayatollah Ali Khamenei (Iran का सर्वोच्च नेता) को उनके कार्यालय/कंपाउंड में मार गिराया गया।
- इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य (जैसे बेटी, दामाद, पोता/पोती) भी मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें से कुछ बाद में जान गंवा बैठे।
- बाद में ईरानी मीडिया ने बताया कि उनकी पत्नी, Mansoureh Khojasteh Bagherzadeh, को भी हमले में चोटें आईं और 2 मार्च को उनकी भी मौत हो गई।
🔎 सार यह है:
ये मौतें सीधे युद्ध/हवाई हमले की वजह से हुईं, न कि किसी बीमारी या प्राकृतिक कारण से। अमेरिका-इज़राइल के ऑपरेशन के परिणामस्वरूप ही ये लक्षित हवाई हमले हुए।

💥 2) इसके अलावा आम नागरिकों और प्रदर्शनकारियों की मौतें क्यों हुईं?
📍 ईरान के भीतर विरोध के दौरान
इज़रायु-आंतरिक संघर्ष की वजह से भी नागरिकों की मौतें हुईं:
- दिसंबर 2025 से महंगे जीवन, आर्थिक संकट और राजनीतिक असंतोष के कारण बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए।
- सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सख्ती दिखाई, जिसमें कुछ जगहों पर लाइव गोलियों से फायरिंग की गई — जिससे कई आम लोग (शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों सहित) जान गंवाते रहे।
- कुछ रिपोर्टों में सुरक्षा बलों की गोलीबारी से कई दर्जन लोगों की मौतें और सैकड़ों घायल होने की बात भी सामने आई है।
👉 इन मौतों का कारण सैन्य संघर्ष, गोलीबारी और भीड़ नियंत्रण में असली बल प्रयोग था, न कि प्राकृतिक या स्वास्थ्य-प्रधान वजह।
📊 3) पूरा संदर्भ — वैश्विक स्थिति
✔️ US-Israel ने रणनीतिक और लक्षित हवाई हमले किए की वजह:
• ईरान की सैन्य/राजनीतिक शक्ति को कमजोर करना
• क्षेत्रीय नीतिगत दबाव बढ़ाना
• खासकर आयात/export, मिसाइल, परमाणु संरचनाओं को लक्ष्य बनाना
✔️ इन हमलों का नतीजा:
• ईरान संबंधी कई शीर्ष नेताओं की मौत
• प्रतिशोधी मिसाइल/ड्रोन हमले अन्य देशों पर
• आम नागरिकों में विस्फोट, विस्थापन, और आग लगना
• क्षेत्रीय तनाव का तेजी से बढ़ना
निष्कर्ष
➡️ मुख्य मौतें: अमेरिकी और इजराइली सैन्य हमलों के कारण, विशेषकर वरिष्ठ नेता और उनके परिवार के सदस्यों पर लक्षित बमबारी में।
➡️ अन्य मौतें: ईरान के अंदर विरोध/पुलिस कार्रवाई में गोलीबारी और दमन कार्रवाई से।









