केंद्रीय बजट 2026 से पहले रविवार को हुए विशेष ट्रेडिंग सत्र में शेयर बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। सप्ताहांत के बावजूद निवेशकों की सक्रियता बनी रही और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
सुबह 11:05 बजे तक निफ्टी 50 36 अंकों से अधिक की तेजी के साथ 25,357.15 पर पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स 226.67 अंकों की बढ़त के साथ 82,496.45 पर कारोबार करता दिखा।
🏛️ बजट डे पर सामान्य रहा ट्रेडिंग शेड्यूल
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दोनों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बजट के दिन बाजार सामान्य समय पर खुले रहेंगे।
हालांकि, एक्सचेंजों ने यह भी बताया कि:
- T+0 सेटलमेंट सेशन
- ऑक्शन सेशन (सेटलमेंट डिफॉल्ट)
रविवार, 1 फरवरी 2026 को आयोजित नहीं किए जाएंगे।
रविवार को ट्रेडिंग होना दलाल स्ट्रीट के लिए असामान्य है, इसलिए यह दिन बाजार इतिहास के चुनिंदा सत्रों में शामिल हो गया।
🟡 सोना-चांदी में भारी गिरावट, फ्यूचर्स लोअर सर्किट पर
जहां शेयर बाजार में हरियाली दिखी, वहीं कीमती धातुओं में तेज बिकवाली देखने को मिली।
- अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना फ्यूचर्स ₹9,140 (करीब 6%) टूटकर ₹1,43,205 प्रति 10 ग्राम पर आ गया
- मार्च 2026 डिलीवरी वाला चांदी फ्यूचर्स ₹17,515 (6%) गिरकर ₹2,74,410 प्रति किलोग्राम रह गया
इस गिरावट का असर MCX के शेयरों पर भी दिखा, जो 10% फिसलकर लोअर सर्किट में ₹2,145.25 पर पहुंच गए।
विश्लेषकों के अनुसार, यह गिरावट शुक्रवार को आई ऐतिहासिक गिरावट के बाद मुनाफावसूली का नतीजा है। अब निवेशकों की नजर बजट घोषणाओं और वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है।
💬 बजट से निवेशकों की क्या उम्मीदें?
डॉ. वी.के. विजयकुमार, चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, Geojit Investments Limited ने कहा:
“निवेशकों को बड़े टैक्स रिलीफ की ज्यादा उम्मीद नहीं है क्योंकि 2025 के बजट में पहले ही भारी राहत दी जा चुकी है। हालांकि, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स की छूट सीमा बढ़ती है तो यह बाजार के लिए सकारात्मक संकेत होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि:
- डिफेंस सेक्टर में अधिक आवंटन से डिफेंस शेयर फोकस में रहेंगे
- मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलने से निर्यात आधारित शेयरों में रुचि बढ़ सकती है
- PSU बैंकों के विलय और विनिवेश से जुड़ी घोषणियों पर बाजार की खास नजर रहेगी
📈 बजट और बाजार: बीते वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड
इतिहास बताता है कि बजट के दिन बाजार की चाल हमेशा एक जैसी नहीं रही है।
- 2017 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली के संतुलित बजट के बाद बाजार में मजबूत तेजी आई
- 2021 में निर्मला सीतारमण के कोविड-पश्चात रिकवरी फोकस बजट से सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार उछाल दिखा
- 2016 और 2018 में टैक्स से जुड़े फैसलों ने बाजार की धारणा को कमजोर किया
- 2023 और 2024 के बजट पर बाजार की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत सपाट रही
🔍 आगे क्या?
यूनियन बजट 2026 से पहले ही बाजार:
- हालिया ऊंचाइयों से नीचे आ चुके हैं
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है
- वैश्विक ब्याज दरें, भू-राजनीतिक तनाव और ट्रेड पॉलिसी असर डाल रही हैं
ऐसे माहौल में बजट डे पर तेज उतार-चढ़ाव लगभग तय माना जा रहा है।









