Mexico का भारत पर टैरिफ प्रहार: क्या बदलने वाला है?
मेक्सिको ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2026 से 1,460 उत्पादों पर 5% से 50% तक नए आयात शुल्क लगाए जाएंगे। ये शुल्क उन सभी देशों पर लागू होंगे जिनके साथ मेक्सिको का Free Trade Agreement (FTA) नहीं है—और भारत भी उनमें से एक है।
इस कदम का सीधा लक्ष्य तो सस्ते चीनी सामान पर रोक लगाना है, लेकिन इसका बड़ा नुकसान भारत को भी होने वाला है।
FTA क्या होता है?
FTA यानी Free Trade Agreement, जिसके तहत दो या अधिक देश आपसी व्यापार पर शुल्क और अन्य बाधाएं कम या खत्म कर देते हैं।
मेक्सिको के नए नियम में केवल FTA वाले देश सुरक्षित हैं—बाकी देशों, जैसे भारत और चीन, पर भारी टैरिफ लगाए जाएंगे।
🇲🇽 मेक्सिको यह कदम क्यों उठा रहा है?
मेक्सिको ने यह कड़ा फैसला चार बड़े कारणों से लिया है:
1️⃣ चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकना
- चीन से आयात मेक्सिको के बाजार में बाढ़ की तरह बढ़ रहा है।
- दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन $100 बिलियन से ज्यादा है।
- मेक्सिकन स्टील, ऑटो-पार्ट्स और टेक्सटाइल उद्योग चीनी सामान से बुरी तरह प्रभावित हैं।
2️⃣ अमेरिका के साथ तालमेल
2026 में US–Mexico trade review होने वाला है।
अमेरिका—बाइडन और ट्रम्प दोनों प्रशासन—मेक्सिको को चेतावनी दे चुके हैं कि वह चीन का बैकडोर न बने।
नए टैरिफ मेक्सिको का वॉशिंगटन को संदेश है कि वह चीन के खिलाफ अमेरिकी रणनीति के साथ है।
3️⃣ घरेलू उद्योग और नौकरियों की सुरक्षा
राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम और Morena पार्टी ने इसे मेक्सिकन मजदूरों और उद्योगों की सुरक्षा बताया है।
4️⃣ सरकारी राजस्व बढ़ाने की रणनीति
इन टैरिफ से मेक्सिको को सालाना लगभग 70 बिलियन पेसो (≈$3.75 बिलियन) का अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है।
🇮🇳 भारत पर कितना बड़ा असर?
भारत चीन के बाद इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल है।
1. ऑटो और पैसेंजर कारें (सबसे ज्यादा नुकसान)
- भारत की मेक्सिको को कार निर्यात: $800M–$1B
- अब शुल्क 20% से बढ़कर 50% हो गया
- इससे भारतीय कारों की कीमतें अत्यधिक बढ़ेंगी और बिक्री लगभग रुक सकती है
- मेक्सिको भारत का तीसरा सबसे बड़ा कार निर्यात बाजार है
2. ऑटो पार्ट्स
- सालाना निर्यात: $600–$700M
- नए टैरिफ: 25%–50%
- कई उत्पाद अब कीमत के कारण प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे
3. स्टील और आयरन
- सालाना निर्यात: $900M
- नए टैरिफ: 35%–40%
- Tata Steel जैसी कंपनियों पर बड़ा असर
4. टेक्सटाइल, गारमेंट्स और फुटवियर
- निर्यात: $500–$600M
- नए टैरिफ: 30%–35%
- mass-market प्रोडक्ट लगभग खत्म, केवल premium niche बच सकता है
5. ऑर्गेनिक केमिकल्स और फार्मा
- निर्यात: $400M
- टैरिफ: 15%–30%
- जेनेरिक दवाइयां अभी भी प्रतिस्पर्धी रह सकती हैं
👉 कुल मिलाकर भारत का $8.9B का व्यापार 2024 में था, जिसमें 25%–40% तक गिरावट आने की आशंका है।
🇮🇳 भारत की प्रतिक्रिया
भारतीय उद्योग संगठनों ने नवंबर–दिसंबर 2025 में मेक्सिको सीनेट से बातचीत की, लेकिन कोई राहत नहीं मिली।
अब भारत सरकार इसे एक हाई-प्रायोरिटी डिप्लोमैटिक मुद्दा मानकर काम कर रही है।
भारत ने मेक्सिको के साथ:
- FTA, या
- Partial Scope Agreement (Autos + Steel)
को तेज़ी से आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है ताकि जनवरी 2026 से पहले कुछ राहत मिल सके।









