केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते हुए कहा कि सरकार की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रही है और देश के प्रति सरकार के कर्तव्य (Kartavya) को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही है। यह उनका लगातार नौवां बजट भाषण था।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने रोजगार सृजन, उत्पादकता बढ़ाने और आर्थिक विकास को तेज करने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस 2025 पर प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद अब तक 350 से अधिक सुधारों को लागू किया जा चुका है।
🔧 350+ सुधारों से बदलेगा आर्थिक परिदृश्य
वित्त मंत्री के अनुसार, इन सुधारों में शामिल हैं:
- GST (जीएसटी) का सरलीकरण
- श्रम संहिताओं (Labour Codes) की अधिसूचना
- अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों का पंजीकरण
- उच्च स्तरीय समितियों का गठन
- राज्यों के साथ मिलकर डि-रेगुलेशन और अनुपालन बोझ कम करने की पहल
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर व्यापार और उद्योग के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है।

📈 आर्थिक सुधारों के 3 बड़े स्तंभ
वित्त मंत्री ने आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर जोर दिया:
- संरचनात्मक सुधारों की निरंतरता – सुधारों को लगातार, अनुकूल और भविष्य के अनुरूप बनाए रखना
- मजबूत वित्तीय क्षेत्र – बचत जुटाने, पूंजी के कुशल आवंटन और जोखिम प्रबंधन के लिए सशक्त बैंकिंग व वित्तीय सिस्टम
- आधुनिक तकनीक और AI – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का बेहतर शासन के लिए उपयोग
🚀 विकास को गति देने के लिए 6 बड़े फोकस एरिया
बजट 2026 में सरकार ने आर्थिक विकास को तेज करने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखा:
- सात रणनीतिक और उभरते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों का विस्तार
- पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों का पुनरोद्धार
- MSME सेक्टर से चैंपियन उद्यमों का निर्माण
- इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा
- दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना
- सिटी इकोनॉमिक रीजन (City Economic Regions) का विकास

📑 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट संसद में पेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। इस आयोग के अध्यक्ष थे अरविंद पनगढ़िया।
आयोग के अन्य सदस्यों में शामिल हैं:
- पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एनी जॉर्ज मैथ्यू
- अर्थशास्त्री मनोज पांडा
- SBI समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष
- RBI के डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर









